
कटनी जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना से स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगा नया आयाम
कटनी (21 जनवरी) – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व एवं जनकल्याणकारी सोच के परिणाम स्वरूप कटनी जिले को शुक्रवार 23 जनवरी को मेडिकल कॉलेज के रूप में महत्वपूर्ण सौगात मिलने जा रही है। इससे भविष्य में आमजन को जिले में ही विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। इसके अलावा आपातकालीन स्थितियों में भी मरीजों को तुरंत ईलाज की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। जिससे गंभीर एवं जटिल बीमारियों के उपचार हेतु यहां के मरीजों को बड़े शहरों में उपचार हेतु नहीं जाना पड़ेगा।
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने बताया कि नेशनल मेडिकल काउंसिल के मानकों पर आधारित 150 सीट का पीपीपी मॉडल पर अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज प्रस्तावित है। जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति होगी और चिकित्सा शिक्षा कराई जायेगी। साथ ही फंक्शनल मेडिकल कॉलेज के रूप में जिला चिकित्सालय कटनी को इससे संबद्ध किया गया है।
कलेक्टर ने बताया कि जिला चिकित्सालय वर्तमान में 350 बिस्तर का अस्पताल है। जब यह मेडिकल कॉलेज फंक्शनल होगा तब यह 605 बेड में कन्वर्ट कर दिया जायेगा। जिसका 75 प्रतिशत अर्थात 450 बेड वर्तमान की ही तरह विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ नि:शुल्क रहेगा। इससे कटनी वासियों के साथ-साथ उमरिया, मैहर, पन्ना, शहडोल सहित आस-पास के लोगों को भी उत्कृष्ट डॉक्टर एवं उन्नत मशीनों के नि:शुल्क चिकित्सा सुविधायें उपलब्ध होगी। 150 मेडिकल सीटों में छात्रों का एडमिशन नीट परीक्षा के माध्यम से होगा। जिसमें प्रदेश के साथ-साथ देश भर के छात्रों के एडमिशन होंगे। मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद कटनी शहर में मेडिकल सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा। प्राइवेट अस्पताल भी बढ़ेगे। जिससे शहर की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
मेडिकल कॉलेज के माध्यम से जिले में विषय विशेषज्ञ डॉक्टरों, प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ एवं पैरामेडिकल कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। अत्याधुनिक जांच एवं उपचार सुविधाएँ जैसे सीटी स्कैन, एमआरआई, लीनियर एक्सीलेरेटर आदि उपलब्ध होने से जटिल ऑपरेशन एवं गंभीर रोगों का उपचार स्थानीय स्तर पर संभव हो सकेगा। जिला अस्पताल का उन्नयन होकर वह मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होगा, जिससे बढ़ती मरीज संख्या के बावजूद बेहतर उपचार मिल सकेगा। इसके साथ ही रेफरल के दौरान होने वाली ट्रांसपोर्ट डेथ की घटनाओं में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
मेडिकल कॉलेज की स्थापना से जिले को आर्थिक एवं सामाजिक लाभ भी प्राप्त होंगे। डॉक्टर, नर्स, तकनीशियन, पैरामेडिकल स्टाफ एवं अन्य सहायक कर्मचारियों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। कॉलेज के आसपास रियल एस्टेट, आवास, होटल, भोजनालय एवं छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था सशक्त होगी। साथ ही यह संस्थान चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनेगा, जिससे जिले के विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच एवं गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों एवं गरीब वर्ग को निःशुल्क उपचार की सुविधा मिलेगी। मरीजों को इलाज के लिए दूर शहरों में नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय एवं धन दोनों की बचत होगी। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण, एनीमिया, टीबी, मलेरिया, सिकल सेल रोग, कैंसर, हृदय, किडनी एवं लीवर जैसे गंभीर रोगों के निदान एवं उपचार में मेडिकल कॉलेज की अहम भूमिका रहेगी।
मेडिकल कॉलेज शासन की प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। आयुष्मान भारत, जननी सुरक्षा योजना, प्रसूति सहायता योजना, टीबी एवं कैंसर उपचार, कृत्रिम अंग एवं दिव्यांगता सहायता जैसी योजनाओं के माध्यम से जिले के नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।
कटनी मेडिकल कॉलेज की स्थापना से जिला स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा और नागरिकों को बेहतर, सुलभ एवं आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक एवं निर्णायक कदम सिद्ध होगा।
क्रमांक-353/353
